देवरी कला । मछरिया क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच एकता क्रिकेट क्लब मछरिया VS क्रिकेट क्लब गोरझामर

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देवरी कला ।विकासखंड के ग्राम मछरिया में स्व.श्यामलाल लोधी की स्मृति में आज पहले बल्लेबाजी करते हुए क्रिकेट क्लब गोरझामर ने 10 ओवर क़ी समाप्ति पर 6 विकेट के नुकसान पर 129 रन बनाए
और फिर एकता क्रिकेट क्लब मछरिया ने 1 विकेट के नुकसान पर 7 ओवर में 130 रन बनाकर जीत हासिल की और फाइनल मैच जीत लिया
मेन बेस्ट मैन गजराज (गजु), मेन बालर नंदू, मेन दर्शक नारान ठाकुर और प्रकाश लोधी
इस दौरान मुख्य अतिथि सात्विक पांडे, पार्षद दामोदर लोधी, सरपंच कमलेश लोधी, उपसरपंच रविराज लोधी, बलराम लोधी, पत्रकार नीरज जैन, पत्रकार रामबाबू पटेल, अक्षय मिश्रा, सुमित पांडे, आदित्य दुबे, छोटू सोनी, प्रिंस लोधी, ओमप्रकाश लोधी, रामस्वरूप लोधी, आयोजक युवा रामकिशोर लोधी-मछरिया और आयोजक कमेटी सदस्य-कमेंटर कमलेश तिवारी, क्रिकेट मैच के कप्तान दुर्गेश तिवारी, रमाकांत तिवारी, प्रकाश लोधी, महेंद्र लोधी, त्रिवेंद्र लोधी, हुकम ठाकुर, तुलसीराम लोधी.साहब लोधी, राजा लोधी सहित बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।