मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाह समाज से जताया खेदकहा- यदि मेरे किसी शब्द से ठेस पहुंची है, तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं।लेकिन कुछ बातें सिर्फ शब्द नहीं होतीं, उनके पीछे की भावना और संदर्भ भी समझना बेहद ज़रूरी है।
जिस बयान को लेकर आज चर्चा हो रही है, वह एक सामाजिक कार्यक्रम का था… उस बयान में बिखरे हुए समाज को एकजुट होने का संदेश देना था।
आज की राजनीति में अक्सर समाज को अलग-अलग खेमों में बाँटने वाली भाषा अधिक सुनाई देती है। ऐसे समय में यदि कोई नेता समाज को साथ लेकर चलने और एकता की बात करता है, तो उस भावना को भी समझा जाना चाहिए।
मतभेद हो सकते हैं, आलोचना भी लोकतंत्र का हिस्सा है… लेकिन किसी भी बयान का मूल्यांकन उसके पूरे संदर्भ और मंशा के साथ होना चाहिए, न कि केवल कुछ अंशों के आधार पर…










